जब मौसम ठंडा होने लगता है और शरीर को अंदर से गर्माहट की ज़रूरत होती है, तब आयुर्वेद में बताए गए पारंपरिक व्यंजन बहुत काम आते हैं। कुलत्था रसाम (Kulattha Rasam) ऐसा ही एक सरल लेकिन बेहद असरदार आयुर्वेदिक सूप है। यह सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि सेहत को ध्यान में रखकर बनाया गया एक औषधीय आहार है, जिसे खासतौर पर सर्दियों में, कमजोर पाचन और लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद माना जाता है।

कुलत्था को अंग्रेज़ी में Horse Gram कहा जाता है। यह दाल भारत के कई हिस्सों में सदियों से इस्तेमाल होती आ रही है, खासकर दक्षिण भारत और आयुर्वेदिक आहार परंपरा में। कुलत्था रसाम हल्का, गरम और सुपाच्य होता है, जो शरीर को बिना भारी किए पोषण देता है।
कुलत्था रसाम (Kulattha Rasam )क्या है?
आयुर्वेद में रसाम का अर्थ होता है किसी खाद्य पदार्थ का ऐसा तरल रूप, जो शरीर में जल्दी अवशोषित हो जाए।
कुलत्था रसाम कुलत्था दाल, इमली, टमाटर, लहसुन और मसालों से तैयार किया गया एक पतला लेकिन पौष्टिक सूप है।
कुलत्था दाल की तासीर गरम होती है, इसलिए यह शरीर को अंदर से गर्म रखती है। यही वजह है कि इसे ठंड के मौसम में, जुकाम, सुस्ती या पाचन की कमजोरी में बहुत उपयोगी माना जाता है।
सामग्री (Ingredients) –
| सामग्री | मात्रा |
|---|---|
| पकी हुई कुलत्था दाल | 2 कप (60 ग्राम) |
| इमली / नींबू रस | 20 ग्राम / 1 चम्मच |
| टमाटर | 1 (कटा हुआ) |
| कढ़ी पत्ता | 5–6 पत्ते |
| लहसुन का पेस्ट | 2 चम्मच |
| काली मिर्च–जीरा पेस्ट | 2 चम्मच |
| सरसों (राई) | 1 चम्मच |
| नमक | स्वादानुसार |
| तेल / घी | 5 ml (तड़के के लिए) |
सर्विंग: 2–3 बाउल (300–400 ml)
कुलत्था रसाम (Kulattha Rasam) बनाने की विधि
सबसे पहले कुलत्था दाल को अच्छी तरह धोकर 4 घंटे के लिए भिगो दें। इसके बाद इसे उबाल या स्टीम कर लें। ठंडा होने पर अतिरिक्त पानी छान लें। अब एक कड़ाही में थोड़ा सा तेल या घी गरम करें। इसमें सरसों डालें, फिर कढ़ी पत्ता और सूखी लाल मिर्च डालकर चटकने दें।अब कटा हुआ टमाटर डालें और उसे नरम होने तक भूनें।
इसके बाद लहसुन का पेस्ट डालें और तब तक चलाएं जब तक कच्ची खुशबू खत्म न हो जाए। अब इसमें इमली का पानी, नमक और काली मिर्च–जीरा पेस्ट डालें और उबाल आने दें। चाहें तो स्वाद संतुलन के लिए थोड़ा सा गुड़ या नींबू रस भी डाल सकते हैं। अब उबली हुई कुलत्था दाल डालें, अच्छे से उबालें और हल्का सा मसल दें।
गरमागरम कुलत्था रसाम तैयार है – सादा, पौष्टिक और आराम देने वाला।
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पोषण तत्व (Nutritional Value Approx.) – Per Serving (1 Bowl: 150–200 ml)
| Nutrient | Amount |
|---|---|
| Energy | 90–110 kcal |
| Carbohydrates | 15–18 g |
| Protein | 6–8 g |
| Fat | 1–2 g |
| Dietary Fiber | 5–6 g |
| Iron | 3–4 mg |
| Calcium | 80–100 mg |
| Potassium | 350–450 mg |
| Magnesium | 60–80 mg |
| Phosphorus | 120–150 mg |
| Sodium | Low (varies with salt) |
| Antioxidants (Polyphenols & Flavonoids) | Moderate |
| Glycemic Index | Low |
| Gluten | 0 (Gluten-Free) |
कुलत्था रसाम (Kulattha Rasam) के फायदे
कुलत्था रसाम (Kulattha Rasam) आयरन और कैल्शियम से भरपूर होता है और एक सर्विंग में दिन की ज़रूरत का लगभग ¼ प्रोटीन दे सकता है। यह शरीर को ताकत देता है और खून की कमी में सहायक होता है। इसमें फैट कम और फाइबर ज़्यादा होता है, जिससे यह LDL कोलेस्ट्रॉल और शरीर की चर्बी कम करने में मदद करता है। यही वजह है कि यह वजन कम करने वालों और डायबिटीज़ से जूझ रहे लोगों के लिए भी उपयुक्त माना जाता है।
सर्दियों में यह रसाम शरीर को अंदर से गर्म रखता है और सुस्ती दूर करता है।
आयुर्वेद में कुलत्था को मूत्र पथरी (Urinary Calculi) में भी लाभकारी बताया गया है।कुलत्था में मौजूद फ्लेवोनॉयड्स और पॉलीफेनॉल्स लीवर और गॉलब्लैडर की सुरक्षा में मदद करते हैं और शरीर में सूजन कम करने का काम करते हैं।
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थोड़ी-सी सावधानी ज़रूरी
- जिन लोगों की तासीर बहुत गरम होती है, वे सीमित मात्रा में लें
- बहुत ज़्यादा तीखा या खट्टा न बनाएं
- गर्भावस्था या किसी गंभीर बीमारी में डॉक्टर या वैद्य से सलाह लें
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कुलत्था रसाम एक ऐसा पारंपरिक आयुर्वेदिक सूप है, जो स्वाद और सेहत – दोनों का ध्यान रखता है। यह हल्का है, पचने में आसान है और रोज़मर्रा के भोजन में आसानी से शामिल किया जा सकता है। अगर आप सर्दियों में कुछ ऐसा चाहते हैं जो शरीर को गर्म रखे और अंदर से मजबूत बनाए, तो कुलत्था रसाम एक भरोसेमंद विकल्प है।


