पेया (Peya): आयुर्वेदिक औषधीय चावल का Healthy दलिया, लाभ, बनाने की विधि (2025)

Devendra Kumar
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Peya

जब शरीर कमजोर हो, पाचन ठीक से काम न कर रहा हो या हल्का, सुपाच्य और पोषण से भरपूर भोजन चाहिए — तब आयुर्वेद में पेया (Peya) को सबसे उत्तम आहार माना गया है। पेया एक प्रकार का औषधीय चावल का पतला दलिया (Rice Gruel) है, जिसे विशेष मसालों और जड़ी-बूटियों के साथ पकाया जाता है। यह न तो बहुत भारी होता है और न ही पूरी तरह तरल, बल्कि ऐसा भोजन है जो शरीर को आराम देता है और धीरे-धीरे ताकत लौटाने में मदद करता है।

Peya

आयुर्वेद में पेया को अक्सर बीमारी के बाद रिकवरी, कमजोर पाचन, बुखार, ऑपरेशन के बाद या बुज़ुर्गों के आहार में शामिल किया जाता है। यह पेट के लिए बेहद कोमल होता है और शरीर इसे आसानी से स्वीकार कर लेता है।

पेया (Peya) क्या है?

पेया (Peya) संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है ऐसा भोजन जिसे आसानी से पिया या निगला जा सके। यह सामान्य खिचड़ी या दलिया से ज्यादा पतला होता है और इसमें पानी की मात्रा अधिक रखी जाती है। इस रेसिपी में लाल चावल (Red Rice) का उपयोग किया गया है, जो अपने प्राकृतिक लाल रंग और पोषण गुणों के कारण विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। इसमें सरसों, जीरा, मेथी, सोंठ और गरम मसालों को मिलाकर इसे औषधीय बनाया जाता है।


🥣 सामग्री (Ingredients) –

सामग्रीमात्रा
लाल चावल300 ग्राम
पानी1500 ml
नमकस्वादानुसार
सरसों½ चम्मच
जीरा1 चम्मच
मेथी दाना¼ चम्मच
सोंठ (सूखी अदरक)¼ इंच
दालचीनी¼ इंच
इलायची1
लौंग2
नारियल दूध / दूध100 ml

कुल मात्रा: लगभग 1 लीटर


👩‍🍳पेया (Peya) बनाने की विधि – आसान और घरेलू

सबसे पहले लाल चावल को अच्छी तरह धोकर 5–10 मिनट के लिए भिगो दें
इस बीच सरसों, जीरा और मेथी को हल्का सा भून लें और दरदरा पीस लें।

अब प्रेशर कुकर में पानी उबालें।
पानी उबलने लगे तो उसमें नमक, भीगा हुआ चावल और तैयार मसाला पाउडर डालें।
अच्छी तरह चलाएँ और कुकर का ढक्कन बंद कर दें।

मध्यम आँच पर 4–5 सीटी आने तक पकाएँ।
सीटी निकलने के बाद गैस बंद करें और स्टीम पूरी तरह निकलने दें।

ढक्कन खोलकर पेया को सर्विंग बाउल में निकाल लें।
अंत में इसमें नारियल दूध या सामान्य दूध मिलाएँ।
गरम-गरम पेया को हल्की सब्ज़ी या चटनी के साथ परोसें।

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Nutritional Value (Approx.) – Per Serving (1 Bowl: 200–250 ml)

NutrientAmount
Energy140–160 kcal
Carbohydrates28–32 g
Protein3–4 g
Fat3–5 g
Dietary Fiber2–3 g
Iron2–3 mg
Calcium60–80 mg
Magnesium45–60 mg
Potassium180–220 mg
Zinc0.8–1 mg
Manganese1–1.5 mg
AntioxidantsModerate (from red rice)
Glycemic IndexLow–Moderate
Gluten0 (Naturally Gluten-Free)

पेया (Peya) के स्वास्थ्य लाभ

लाल चावल का प्राकृतिक लाल रंग एंटीऑक्सिडेंट की तरह काम करता है, जो शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करता है।
इसका लो शुगर और लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स इसे डायबिटीज़ के मरीजों के लिए बेहतर विकल्प बनाता है।पेया में आयरन, ज़िंक, मैंगनीज़, कैल्शियम और फाइबर अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। यही वजह है कि यह हृदय रोगियों, हाई ब्लड प्रेशर और मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए भी उपयुक्त माना जाता है।

यह भोजन पाचन तंत्र को आराम देता है और आंतों (Gut Health) के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
इसमें मौजूद मैग्नीशियम और आयरन फेफड़ों (Pulmonary Functions) के बेहतर काम में सहायक माने जाते हैं।अगर इसमें नारियल दूध मिलाया जाए, तो उसमें मौजूद Medium Chain Fatty Acids (MCFA) शरीर को जल्दी ऊर्जा देते हैं और कमजोरी से उबरने में मदद करते हैं।

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सावधानियाँ

यदि किसी व्यक्ति को नारियल दूध भारी या फैटी लगता हो, तो पेया में नारियल दूध की जगह सादा पानी या सामान्य दूध का उपयोग किया जा सकता है।
बहुत अधिक मसालेदार न बनाएँ, ताकि इसका सुपाच्य गुण बना रहे।

पेया (Peya) एक ऐसा पारंपरिक आयुर्वेदिक भोजन है, जो स्वाद से ज़्यादा सेहत और संतुलन पर ध्यान देता है। यह शरीर को धीरे-धीरे पोषण देता है, पाचन को सुधारता है और कमजोरी से उबरने में मदद करता है। अगर आप हल्का, भरोसेमंद और औषधीय आहार चाहते हैं, तो पेया को अपनी दिनचर्या में ज़रूर शामिल करें।

अधिक रेसिपी के लिए यहां पढ़ें : AYUSH RESEARCH PORTAL

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