Driving Licence कैसे बनवाएं? Learner से Permanent Licence तक Easy & Ultimate Guide (2025)

Devendra Kumar
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Driving Licence
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Driving Licence क्यों ज़रूरी है?

भारत में किसी भी दोपहिया, चारपहिया या भारी वाहन को कानूनी रूप से चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है। Driving Licence न सिर्फ यह साबित करता है कि आप वाहन चलाने में सक्षम हैं, बल्कि यह एक मान्य सरकारी पहचान पत्र के रूप में भी कई जगह इस्तेमाल होता है।

पहले Driving Licence बनवाने की प्रक्रिया काफी जटिल और समय लेने वाली थी, लेकिन अब सरकार ने इसे काफी हद तक ऑनलाइन कर दिया है। आज आप घर बैठे आवेदन कर सकते हैं और केवल टेस्ट या बायोमेट्रिक के लिए ही RTO जाना पड़ता है।

इस गाइड में आप Learner Licence से लेकर Permanent Driving Licence तक की पूरी प्रक्रिया आसान भाषा में समझेंगे।

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Driving Licence के प्रकार

भारत में Driving Licence मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं। पहला Learner Licence (LL) होता है, जो शुरुआती 6 महीनों के लिए जारी किया जाता है। दूसरा Permanent Driving Licence (DL) होता है, जो Learner Licence के बाद मिलता है। तीसरा Commercial Driving Licence (CDL) होता है, जो व्यावसायिक वाहनों के लिए आवश्यक है।

यह लेख Non-Transport (निजी वाहन) ड्राइविंग लाइसेंस पर आधारित है।

Learner Licence (LL) कैसे बनवाएं?

Learner Licence Driving Licence की पहली सीढ़ी है। इसके बिना Permanent Driving Licence नहीं बनाया जा सकता।

Learner Licence के लिए आवेदन प्रक्रिया

Learner Licence के लिए आवेदन करने हेतु आपको Parivahan Sewa Portal पर जाना होता है। वेबसाइट पर जाकर “Online Services” में “Driving Licence Related Services” विकल्प चुनें और फिर अपना राज्य सेलेक्ट करें। इसके बाद “Apply for Learner Licence” पर क्लिक करें।

आवेदन के दौरान आपको अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरनी होती है और कुछ जरूरी दस्तावेज़ अपलोड करने होते हैं, जैसे पहचान पत्र (Aadhaar, PAN, Passport या Voter ID), पते का प्रमाण, पासपोर्ट साइज फोटो, स्कैन किया हुआ सिग्नेचर और Form 1 (Self-Declaration of Physical Fitness)

Learner Licence Test और फीस

Learner Licence के लिए एक छोटा सा ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित टेस्ट देना होता है। इस टेस्ट में ट्रैफिक नियम, रोड साइन, ओवरटेकिंग और सेफ ड्राइविंग से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं।

आमतौर पर 10–15 MCQ होते हैं और 60–70% अंक लाना जरूरी होता है। टेस्ट पास करने पर Learner Licence उसी दिन जारी हो जाता है।

Learner Licence की फीस सामान्यतः ₹150 से ₹200 के बीच होती है, जबकि टेस्ट फीस लगभग ₹50 होती है। अलग-अलग राज्यों में फीस थोड़ी अलग हो सकती है।

Learner Licence की वैधता 6 महीने होती है।

Permanent ड्राइविंग लाइसेंस (DL) कैसे बनवाएं?

Learner Licence जारी होने के कम से कम 30 दिन बाद और 180 दिन के भीतर Permanent Driving Licence के लिए आवेदन किया जा सकता है।

Permanent DL के लिए भी आवेदन Parivahan Portal से ही किया जाता है। “Apply for Driving Licence” विकल्प चुनकर आपको अपना Learner Licence नंबर और जन्मतिथि दर्ज करनी होती है।

Permanent DL के लिए Driving Test

Permanent Driving Licence के लिए RTO में फिजिकल ड्राइविंग टेस्ट देना होता है। इस टेस्ट में आपको अपना वाहन लाना होता है या ड्राइविंग स्कूल का वाहन इस्तेमाल कर सकते हैं।

दोपहिया वाहन टेस्ट में आमतौर पर फिगर-8, सर्कल और ब्रेक कंट्रोल देखा जाता है।
चारपहिया वाहन टेस्ट में रिवर्स पार्किंग, H-ट्रैक, रैम्प टेस्ट और पैरेलल पार्किंग कराई जाती है।

टेस्ट पास होने के बाद RTO आपके आवेदन को अप्रूव कर देता है और आपका Driving Licence आपके पते पर पोस्ट द्वारा भेज दिया जाता है। आप इसे DigiLocker या Parivahan ऐप से ऑनलाइन भी डाउनलोड कर सकते हैं।

ड्राइविंग लाइसेंस फीस (Permanent DL)

Permanent Driving Licence के लिए टेस्ट फीस लगभग ₹300–₹350 होती है। लाइसेंस जारी करने की फीस ₹200–₹250 और स्मार्ट कार्ड फीस लगभग ₹200 होती है। फीस राज्य के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है।

ड्राइविंग लाइसेंस बनने में कितना समय लगता है?

Learner Licence टेस्ट पास करने के बाद उसी दिन मिल जाता है।
Permanent Driving Licence ड्राइविंग टेस्ट पास करने के 7 से 15 दिनों के भीतर जारी हो जाता है।

ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के फायदे

Driving Licence होने से आप कानूनी रूप से वाहन चला सकते हैं। यह एक मान्य सरकारी पहचान पत्र के रूप में काम करता है, सड़क दुर्घटना बीमा क्लेम में मदद करता है और कई जगह Digital KYC के लिए भी उपयोगी होता है।

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते समय होने वाली आम गलतियाँ

कई लोग गलत दस्तावेज़ अपलोड कर देते हैं, जैसे उम्र या पते का प्रमाण मेल नहीं खाना। कई बार गलत वाहन श्रेणी (MCWG या LMV) चुन ली जाती है या RTO गलत सेलेक्ट हो जाता है, जिससे आवेदन अटक सकता है। इन गलतियों से बचना बहुत जरूरी है।

FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Driving Licence के लिए न्यूनतम उम्र दोपहिया (50cc से कम) के लिए 16 वर्ष और अन्य दोपहिया/चारपहिया के लिए 18 वर्ष है।
Learner Licence बनवाने के तुरंत बाद Permanent DL नहीं मिलता, इसके लिए कम से कम 30 दिन इंतज़ार करना होता है।
Driving Test सामान्य रूप से आसान होता है यदि आपको बुनियादी ड्राइविंग और ट्रैफिक नियमों की जानकारी है।
Approval के बाद Driving Licence को DigiLocker या Parivahan Portal से घर बैठे डाउनलोड किया जा सकता है।

Driving Licence बनवाने की प्रक्रिया अब पूरी तरह सरल और डिजिटल हो चुकी है। अगर आपके दस्तावेज़ सही हैं और आपने ड्राइविंग का अभ्यास किया है, तो Learner Licence से लेकर Permanent Driving Licence तक का सफर आसान हो जाता है। समय पर आवेदन करें और नियमों का पालन करके सुरक्षित ड्राइविंग करें।

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