Raghav Chadha Join BJP: AAP छोड़ा, 7 MPs का बड़ा बगावत | 2026

Devendra Kumar
16 Min Read
Raghav Chadha BJP news – AAP छोड़कर BJP ज्वाइन करते हुए संदीप पाठक और आशोक मित्तल के साथ

भारतीय राजनीति में शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को एक बड़ा भूचाल आ गया जब राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha) ने 15 साल पुरानी आम आदमी पार्टी (AAP) को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की घोषणा की। उनके साथ दो और राज्यसभा सांसद – संदीप पाठक और आशोक मित्तल – ने भी AAP छोड़कर BJP का दामन थामा। चड्ढा ने दावा किया कि कुल 7 AAP सांसद BJP में शामिल होंगे।

यह खबर “Raghav Chadha BJP news” के रूप में पूरे देश में ट्रेंड कर रही है और राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।

1. राघव चड्ढा ने AAP क्यों छोड़ी ?

Raghav Chadha की AAP से बगावत अचानक नहीं हुई। पिछले कई हफ्तों से पार्टी के अंदर तनाव चरम पर था। आइए समझते हैं कि क्या-क्या कारण रहे:

🔹 राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया गया

कुछ हफ्ते पहले ही राघव चड्ढा को राज्यसभा में AAP के उपनेता (Deputy Leader) के पद से हटा दिया गया था। यह उनके लिए बड़ा अपमान था, खासकर तब जब उन्होंने पार्टी के लिए कई महत्वपूर्ण संसदीय लड़ाइयां लड़ी थीं।

🔹 पार्टी में “साइलेंस” किए जाने का आरोप

चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्हें पार्टी के अंदर चुप करा दिया गया था। उन्हें न तो पार्टी की राजनीतिक लाइन पर बोलने दिया जाता था और न ही किसी निर्णय में शामिल किया जाता था।

🔹 वरिष्ठ नेताओं का आरोप

AAP के वरिष्ठ नेताओं ने चड्ढा पर आरोप लगाया था कि वे पार्टी की राजनीतिक विचारधारा से भटक रहे थे। इस तनाव ने अंततः उनके पार्टी छोड़ने का रास्ता साफ कर दिया।

“15 साल का साथ था, लेकिन जब आवाज़ ही दबा दी जाए तो रहना बेमतलब हो जाता है।” — राघव चड्ढा

2. कौन-कौन से सांसद BJP में गए ?

राघव चड्ढा ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में 7 AAP राज्यसभा सांसदों के BJP में शामिल होने का दावा किया। ये 7 सांसद हैं :

क्र.सं.सांसद का नामस्थितिBJP इंडक्शन में उपस्थिति
1राघव चड्ढाAAP छोड़ी, BJP ज्वाइनहां
2संदीप पाठकAAP छोड़ी, BJP ज्वाइनहां
3आशोक मित्तलAAP छोड़ी, BJP ज्वाइनहां
4हरभजन सिंहदावा किया गयानहीं
5राजिंदर गुप्तादावा किया गयानहीं
6विक्रम साहनीX पर पुष्टिनहीं
7स्वाति मालीवालAAP छोड़ी, BJP ज्वाइन अस्पष्टनहीं

मुख्य बिंदु :

  • केवल 3 सांसद (चड्ढा, पाठक, मित्तल) ही BJP इंडक्शन सेरेमनी में दिखे।
  • 4 सांसद प्रेस कॉन्फ्रेंस और इंडक्शन दोनों से अनुपस्थित रहे।
  • चड्ढा ने कहा कि उनके पास सभी 7 सांसदों की सहमति पत्र (consent letters) हैं।
  • ये पत्र अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

3. 4 और AAP सांसद कहां हैं ?

यह सबसे बड़ा सवाल है जो राजनीतिक गलियारों में गूंज रहा है — राघव चड्ढा ने जिन 4 और सांसदों का नाम लिया, वे कहां हैं ?

हरभजन सिंह

  • क्रिकेटर से राजनेता बने हरभजन सिंह ने अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।
  • न तो वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखे, न BJP इंडक्शन में।

राजिंदर गुप्ता

  • पंजाब के बिजनेसमैन और राज्यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता भी अनुपस्थित रहे।
  • उनकी तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।

विक्रम साहनी

  • साहनी ने X (Twitter) पर पुष्टि की कि वे BJP ज्वाइन कर रहे हैं।
  • उन्होंने कहा: “मुझे विश्वास है कि BJP के साथ मिलकर मैं पंजाब और इसके लोगों की बेहतर सेवा कर पाऊंगा”
  • हालांकि वे शारीरिक रूप से उपस्थित नहीं थे।

स्वाति मालीवाल

  • मालीवाल ने पुष्टि की कि उन्होंने AAP छोड़ दी है।
  • लेकिन उन्होंने BJP ज्वाइन करने की बात स्पष्ट नहीं की।
  • उन्होंने बताया कि वे ईटानगर में संसदीय समिति की बैठक में थीं।
  • कहा कि दिल्ली लौटने के बाद विस्तार से बात करेंगी।

4 में से केवल विक्रम साहनी ने ऑनलाइन पुष्टि की। बाकी 3 सांसदों की स्थिति अभी अस्पष्ट है, जिससे राजनीतिक अटकलें तेज़ हो गई हैं।

4. विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल का बयान

विक्रम साहनी का बयान (X पर) :

“पंजाब एक भावना है, एक विरासत है, एक साझा ज़िम्मेदारी है। मैंने हमेशा सहकारी संघवाद और मजबूत केंद्र-राज्य साझेदारी में विश्वास किया है। मिलकर काम करके हम पंजाब में स्थिरता, विकास और उम्मीद ला सकते हैं।”

साहनी ने कहा कि पंजाब एक कठिन आर्थिक दौर से गुज़र रहा है और केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करने से राज्य को फायदा होगा।

स्वाति मालीवाल का बयान :

मालीवाल ने AAP पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:

“बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि जिन सिद्धांतों, मूल्यों और ईमानदार राजनीति के संकल्प के साथ हमने यह यात्रा शुरू की थी, उसे अरविंद केजरीवाल और उनके इशारे पर पूरी AAP ने त्याग दिया है।”

5. स्वाति मालीवाल ने AAP पर लगाए गंभीर आरोप

स्वाति मालीवाल का AAP से बगावत कोई नई बात नहीं है। वे लंबे समय से पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधती रही हैं। उनके प्रमुख आरोप :

शारीरिक हमले का आरोप

  • मालीवाल ने आरोप लगाया कि केजरीवाल के आवास पर उन पर हमला किया गया।
  • उन्हें अपमानित किया गया।
  • आरोपी को बचाया गया और पुरस्कृत किया गया।

भ्रष्टाचार का आरोप

  • पार्टी में अनियंत्रित भ्रष्टाचार होने का दावा।
  • महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न की घटनाएं।

पंजाब से “विश्वासघात”

  • मालीवाल ने AAP पर पंजाब के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया।

धमकियां

  • उन्होंने कहा कि उन्हें “बर्बाद करने की धमकियां” दी गईं।
  • हर संभव तरीके से उनके खिलाफ कार्रवाई की गई ।

यह आरोप गंभीर हैं और AAP की छवि को बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं, खासकर 2027 के पंजाब चुनाव से पहले।

6. राज्यसभा पर क्या पड़ेगा असर ? |

इस बगावत का राज्यसभा की राजनीति पर सीधा और गहरा असर पड़ेगा। आइए समझते हैं :

AAP की राज्यसभा ताकत :

स्थितिसांसद संख्या
बगावत से पहले10
बगावत के बाद3
कमी7 (70% नुकसान)

Anti-Defection Law (दल-बदल विरोधी कानून) :

  • AAP के कुल 10 राज्यसभा सांसद थे।
  • दल-बदल कानून के तहत अयोग्यता से बचने के लिए दो-तिहाई (2/3) सदस्यों का विलय ज़रूरी है।
  • 10 का दो-तिहाई = 7 सांसद (न्यूनतम 6.67)।
  • अगर सातों सांसद औपचारिक रूप से BJP में विलय करते हैं, तो दल-बदल कानून लागू नहीं होगा।

AAP पर असर :

  • AAP अब राज्यसभा में चौथी सबसे बड़ी पार्टी नहीं रहेगी।
  • सदन में बोलने का समय घटेगा
  • संसदीय समितियों में प्रतिनिधित्व कम होगा।
  • ऑल-पार्टी मीटिंग्स में बुलावा मिलना मुश्किल (5 से कम सदस्यों वाली पार्टियों को अक्सर नहीं बुलाया जाता)।

ND गुप्ता की कार्रवाई :

  • शेष 3 सांसदों में से एक ND गुप्ता ने कहा कि वे राज्यसभा अध्यक्ष CP राधाकृष्णन को पत्र लिखकर चड्ढा, पाठक और मित्तल के खिलाफ दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई की मांग करेंगे।

यह भी पड़ें : लोकसभा ने 131वां संविधान संशोधन विधेयक 2026 किया खारिज | 850 सीटों का बिल गिरा | पूरी जानकारी

7. NDA की ताकत कितनी बढ़ेगी ?

यह बगावत सिर्फ AAP के लिए नुकसान नहीं, NDA के लिए बड़ा फायदा है।

BJP की राज्यसभा ताकत:

स्थितिBJP सांसद
विलय से पहले106
विलय के बाद113
बहुमत अंक123
बहुमत से दूरीसिर्फ 10 सीटें

NDA की कुल ताकत :

घटकसीटें
BJP113
NDA सहयोगी28
नामांकित सदस्य7
स्वतंत्र सांसद1-2
कुल NDA149
बहुमत अंक123 ✅
दो-तिहाई बहुमत163
दो-तिहाई से दूरीसिर्फ 14 सीटें

आगे और मज़बूती :

  • जून 2026: राज्यसभा चुनाव (23 सीटें खाली)।
  • नवंबर 2026: राज्यसभा चुनाव (11 सीटें खाली)।
  • कुल 34 सीटों में से BJP और NDA 20 सीटें जीत सकते हैं
  • साल के अंत तक BJP अपने दम पर बहुमत के करीब पहुंच सकती है।

YSRCP का समर्थन :

  • YSRCP के 7 राज्यसभा सांसद लगभग हर मुद्दे पर सरकार का साथ देते हैं।
  • महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर भी YSRCP ने सरकार का समर्थन किया।

विश्लेषण: राज्यसभा में NDA अब व्यावहारिक बहुमत हासिल कर चुका है और दो-तिहाई बहुमत भी पहुंच के करीब है। यह विपक्ष के लिए बड़ा झटका है।

8. पंजाब की राजनीति पर असर

AAP का आखिरी गढ़

  • दिल्ली में सत्ता गंवाने के बाद पंजाब AAP का एकमात्र राज्य है जहां उसकी सरकार है।
  • 2027 में पंजाब विधानसभा चुनाव होने हैं।
  • 7 राज्यसभा सांसदों का जाना पंजाब में पार्टी की संगठनात्मक ताकत को कमज़ोर करेगा।

संदीप पाठक का जाना सबसे बड़ा नुकसान

  • संदीप पाठक AAP के पंजाब प्रभारी थे।
  • उनका जाना पंजाब में पार्टी के जमीनी संगठन को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।

BJP की पंजाब रणनीति

  • AAP सांसदों को तोड़कर BJP ने पंजाब में अपनी उपस्थिति मज़बूत करने की कोशिश की है।
  • विक्रम साहनी जैसे पंजाब-केंद्रित नेता BJP के लिए पंजाब 2027 में फायदेमंद हो सकते हैं।

AAP का “Operation Lotus” आरोप

  • AAP नेता अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह ने BJP पर “Operation Lotus” चलाने का आरोप लगाया।
  • उन्होंने कहा कि ये सांसद पंजाब के साथ गद्दारी कर रहे हैं।

9. 2023 का ‘फर्जी हस्ताक्षर’ विवाद

दिलचस्प बात यह है कि राघव चड्ढा पहले भी हस्ताक्षरों से जुड़े विवाद में फंस चुके हैं।

क्या हुआ था 2023 में?

  • चड्ढा ने दिल्ली सर्विसेज बिल पर सेलेक्ट कमेटी का प्रस्ताव राज्यसभा में रखा था।
  • 5 राज्यसभा सांसदों ने आरोप लगाया कि उनके “फर्जी हस्ताक्षर” बिना सहमति के जोड़ दिए गए।
  • मामला राज्यसभा एथिक्स कमेटी तक पहुंचा।
  • चड्ढा को कई महीनों के लिए राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया।
  • बाद में उन्हें बहाल कर दिया गया।

क्यों है यह प्रासंगिक ?

  • आज चड्ढा ने दावा किया कि उनके पास सभी 7 सांसदों के हस्ताक्षरित सहमति पत्र हैं।
  • लेकिन 4 सांसद सार्वजनिक रूप से उपस्थित नहीं हुए।
  • 2023 की घटना को देखते हुए हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता पर सवाल उठ रहे हैं।
  • हालांकि, दोनों परिस्थितियां पूरी तरह अलग हैं।

10. AAP का भविष्य क्या होगा ?

AAP की मौजूदा स्थिति :

मानदंडस्थिति
राज्यसभा सांसद10 → 3
लोकसभा सांसद3
कुल संसदीय दल6
सत्ता वाले राज्यकेवल पंजाब
अगला बड़ा चुनावपंजाब 2027

AAP के सामने चुनौतियां :

  1. राज्यसभा में आवाज़ कमज़ोर — सिर्फ 3 सांसद बचे
  2. पंजाब में संगठनात्मक संकट — प्रभारी संदीप पाठक का जाना
  3. नेतृत्व पर सवाल — मालीवाल जैसे नेताओं के गंभीर आरोप
  4. दिल्ली में सत्ता पहले ही गंवाई — अब पंजाब बचाना सबसे बड़ी चुनौती
  5. “Operation Lotus” का डर — और सांसद/विधायक टूट सकते हैं

क्या AAP वापसी कर सकती है ?

  • AAP ने पहले भी संकट झेले हैं (शीला दीक्षित के बाद सत्ता, जेल के बाद वापसी)
  • अरविंद केजरीवाल की नेतृत्व क्षमता पर बहुत कुछ निर्भर करेगा
  • पंजाब में भगवंत मान सरकार का प्रदर्शन अहम होगा
  • 2027 तक AAP को अपना संगठन फिर से खड़ा करना होगा

Raghav Chadha का BJP में शामिल होना भारतीय राजनीति में 2026 की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक है। 15 साल पुराना रिश्ता तोड़कर AAP के 7 राज्यसभा सांसदों का BJP में जाना न सिर्फ AAP के लिए विनाशकारी झटका है, बल्कि राज्यसभा की पूरी शक्ति संतुलन को बदल देने वाला कदम है।

अभी सबसे बड़ा सवाल यह है कि बाकी 4 सांसद — हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल — औपचारिक रूप से कब और कैसे BJP में शामिल होते हैं। जब तक ये चारों सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आते, दल-बदल कानून के तहत कानूनी जटिलताएं बनी रह सकती हैं। AAP के लिए अब पंजाब 2027 ही अंतिम लड़ाई है, और इस बगावत ने उस लड़ाई को और कठिन बना दिया है।

FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1: राघव चड्ढा ने AAP क्यों छोड़ी ?

A: राघव चड्ढा को राज्यसभा में AAP उपनेता पद से हटाया गया, पार्टी में उन्हें “साइलेंस” किया गया, और वरिष्ठ नेताओं ने उन पर विचारधारा से भटकने का आरोप लगाया। इन सबसे तंग आकर उन्होंने 15 साल बाद AAP छोड़ दी।

Q2: कितने AAP सांसद BJP में गए ?

A: राघव चड्ढा के अनुसार 7 AAP राज्यसभा सांसद BJP में जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक केवल 3 (चड्ढा, पाठक, मित्तल) ही BJP इंडक्शन में दिखे हैं। विक्रम साहनी ने सोशल मीडिया पर पुष्टि की है।

Q3: क्या दल-बदल कानून लागू होगा ?

A: अगर 7 सांसद (AAP के 10 में से दो-तिहाई) एक साथ BJP में विलय करते हैं, तो दल-बदल कानून के तहत अयोग्यता से बचा जा सकता है। हालांकि AAP के ND गुप्ता इसे चुनौती देने की तैयारी में हैं।

Q4: स्वाति मालीवाल ने BJP ज्वाइन की क्या ?

A: स्वाति मालीवाल ने AAP छोड़ने की पुष्टि की है, लेकिन BJP ज्वाइन करने के बारे में स्पष्ट नहीं किया। वे ईटानगर में संसदीय समिति बैठक में थीं और दिल्ली लौटने पर विस्तार से बात करेंगी।

Q5: राज्यसभा में BJP की ताकत अब कितनी है ?

A: विलय के बाद BJP की ताकत 106 से 113 हो जाएगी। NDA कुल मिलाकर 149 सीटों पर पहुंच जाएगा, जो 244 सदस्यीय सदन में बहुमत (123) से काफी ऊपर है।

Q6: पंजाब पर क्या असर पड़ेगा ?

A: AAP के पंजाब प्रभारी संदीप पाठक सहित कई पंजाब-केंद्रित सांसदों का जाना पार्टी के पंजाब संगठन को कमज़ोर कर सकता है। 2027 पंजाब चुनाव के लिए यह AAP के लिए बड़ी चुनौती है।

Q7: “Operation Lotus” क्या है ?

A: “Operation Lotus” एक शब्द है जिसका इस्तेमाल विपक्षी दल BJP पर विपक्षी सांसदों/विधायकों को तोड़कर अपनी पार्टी में शामिल करने का आरोप लगाते समय करते हैं। AAP ने इस बगावत को भी Operation Lotus का हिस्सा बताया है।

Q8: AAP के अब कितने राज्यसभा सांसद बचे हैं ?

A: अगर सभी 7 सांसद चले जाते हैं, तो AAP के पास राज्यसभा में सिर्फ 3 सांसद बचेंगे। लोकसभा में उनके 3 सांसद हैं, यानी कुल संसदीय दल 6 का होगा।

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