यदि आप एक ऐसा आयुर्वेदिक खाद्य या पेय ढूंढ रहे हैं जो पाचन को सुधारे, शरीर को ताकत दे, आंतों की सूजन को शांत करे और गर्मियों में शीतलता प्रदान करे — तो Rasala (Medicated Curd) एक आदर्श विकल्प है। Rasala मूलतः ताज़े दही को हल्के मसालों, मिठास और तड़के के साथ churn करके बनाया जाता है, जो इसे स्वादिष्ट, पौष्टिक और बेहद healing बनाता है। यह केवल एक दही-आधारित dish नहीं है, बल्कि आयुर्वेद में इसे rejuvenating, probiotic, carminative और strength-promoting माना गया है।

Rasala को खासतौर पर summer और autumn मौसम में सेवन करने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह शरीर में ठंडक बनाए रखता है, पाचन सुधारता है और आंतों को मजबूत करता है। जिन लोगों को कमजोरी, भूख न लगना, पाचन कमजोरी या inflammatory bowel conditions (जैसे Crohn’s disease, colitis) की समस्या हो — उनके लिए यह एक प्राकृतिक औषधीय उपाय की तरह है।
सामग्री (Ingredients )
| Ingredient | Quantity |
|---|---|
| Fresh Curd (ताज़ा दही) | 1 cup (150 ml) |
| Pepper Powder (काली मिर्च) | ½ teaspoon (3 gm) |
| Jaggery/Sugar (गुड़/चीनी) | 10 gm (2 teaspoons) |
| Salt (नमक) | ½ teaspoon (2 gm) |
| Butter/Ghee (मक्खन/घी) | 1 teaspoon |
| Mustard Seeds (राई) | 1 teaspoon |
| Fenugreek (मेथी) | ½ teaspoon (3 gm) |
| Cumin Seeds (जीरा) | ½ teaspoon (3 gm) |
| Crushed Red Chilli | 1–2 (taste अनुसार) |
| Curry Leaves | 5–6 |
| Total Quantity | 1 glass (200–250 ml) |
रसाला कैसे बनाएं
Rasala बनाना आसान है और कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाता है। सबसे पहले एक बाउल में ताज़े दही को लें और उसमें काली मिर्च पाउडर, गुड़/चीनी और नमक मिलाएँ। अब इस मिश्रण को ब्लेंडर से या मथाने वाले चर्नर से churn करें ताकि यह smooth और fluffy बन जाए।
अब एक छोटे पैन में घी या मक्खन गर्म करें। तेल गर्म होते ही उसमें राई डालें, फिर मेथी दाना, जीरा, कुचली हुई लाल मिर्च और करी पत्ता डालें। यह तड़का महकदार और औषधीय गुणों से भरपूर होता है। तैयार तड़के को दही मिश्रण पर डालें और हल्के से मिलाएँ। Rasala को आप मोटा रखकर भोजन के साथ परोस सकते हैं या पानी और थोड़ा नींबू रस मिलाकर इसे एक refreshing probiotic drink की तरह पी सकते हैं।
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रसाला के स्वास्थ्य लाभ
Rasala को आयुर्वेद में एक rejuvenating, strength-promoting और probiotic खाद्य माना गया है। इसमें मौजूद दही आंतों में अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाता है, जिससे पाचन बेहतर होता है और पेट हल्का महसूस होता है। मसालों का तड़का इसके गुणों को और बढ़ा देता है —
- काली मिर्च पाचन सुधारती है
- मेथी और जीरा गैस, heaviness और bloating में राहत देते हैं
- करी पत्ता digestion और detoxification में मदद करता है
Rasala खासकर inflammatory bowel diseases जैसे Crohn’s disease और colitis में लाभकारी माना जाता है, क्योंकि यह आंतों की सूजन को शांत करता है और ताकत प्रदान करता है। जिन लोगों को general debility, weakness या emaciation (weight loss & weakness) हो, उनके लिए Rasala एक प्राकृतिक पोषण देने वाला विकल्प है।
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गर्मी के मौसम में यह शरीर को ठंडक देता है और hydration बढ़ाता है। इसके दही और मसालों का संयोजन इसे digestive + cooling + strengthening drink/dish बनाता है।
सावधानियाँ (Precautions)
कुछ स्थितियों में Rasala का सेवन टाला जाना चाहिए:
- Respiratory illness — खांसी, सर्दी, बलगम, congestion में Rasala नहीं लेना चाहिए क्योंकि दही इन समस्याओं को बढ़ा सकता है।
- अत्यधिक ठंडे मौसम में इसे कम मात्रा में लें।
- यदि गुड़ से एलर्जी हो, तो सिर्फ नमक उपयोग करें।
Rasala (Medicated Curd) एक अनोखा आयुर्वेदिक preparation है जिसमें स्वाद, पोषण और औषधीय गुण तीनों एक साथ मिलते हैं। यह पाचन सुधारने, आंतों की सूजन कम करने, शरीर को ताकत देने और गर्मियों में ठंडक प्रदान करने के लिए एक उत्तम विकल्प है। इसे भोजन के साथ भी खाया जा सकता है और एक healthy Ayurvedic drink की तरह भी पिया जा सकता है। यदि आप अपने डेली रूटीन में एक ऐसा खाद्य जोड़ना चाहते हैं जो हल्का, पौष्टिक और healing हो — तो Rasala एक बेहतरीन चुनाव है।
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